राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि सिमरिया के गंगा तट पर एक दिसम्बर से आयोजित होने वाले साहित्य महाकुंभ की प्रशासनिक तैयारी भी तेज हो
गई है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा देश के सबसे बड़े कार्यक्रम साहित्य महाकुंभ के इस अद्भुत आयोजन को लेकर बुधवार को प्रमंडलीय आयुक्त पंकज कुमार पाल ने कार्यक्रम की तैयारी का जायजा लिया। इसके बाद आयुक्त की अध्यक्षता में जिला के प्रमुख पदाधिकारी एवं आयोजन समिति की बैठक हुई। जिसमें आयुक्त ने तमाम पहलुओं की बिंदुवार समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्वस्तरीय है। तैयारियां भी भव्यता के साथ की जा रही है। ट्रैफिक एवं सुरक्षा के मुख्य मुद्दे पर एसपी अवकाश कुमार एवं एएसपी अमृतेश कुमार, मनोज कुमार तिवारी को राजेन्द्र सेतु समेत आयोजन स्थल को जोड़ने वाले हरेक मार्ग पर उचित ट्रैफिक व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। ताकि श्रद्धालुओ को आयोजन स्थल तक आने में कोई समस्या न हो। सुरक्षा के दृष्टिकोण से जुड़े पहलुओं को अग्निशमन पदाधिकारी को भी दिशा निर्देश दिया गया है। एसपी अवकाश कुमार एवं उप विकास आयुक्त कंचन कपूर ने कहा कि आयोजन को लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन को तैयार है। हर प्रकार की तैयारियों को लेकर मजिस्ट्रेट लेवल के अधिकारी की नियुक्ति की जाएगी।

ताकि कहीं कोई कोर कसर नही छूटे। कार्यक्रम की रुपरेखा पर नजर रखी जा रही है। आयोजक से वीवीआईपी की सूची मांगी गई है। 1500 पुलिस कर्मी के अलावा एक डीएसपी स्थाई कैंप करेगें।

सदर एसडीएम संजीव चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम जिस स्तर से प्रचारित प्रसारित है। उस स्तर को लेकर तैयारियां भी की जा रही हैं। इसपर लगातार नजर है। मौके पर आयोजन के यजमान विपिन कुमार ईश्वर ने सम्पूर्ण आयोजन के तमाम छोटी-बड़ी जानकारी प्रमंडलीय आयुक्त के समक्ष रखा।

बैठक में संयोजक सुभाष कुमार ईश्वर कंगन, अमरेंद्र कुमार अमर, भूमिपाल राय, ललन कुँवर, बलराम सिंह, कृष्णमोहन पप्पू, संजय सिंह, रामकल्याण कुमार, राजीव कुमार, आयुष ईश्वर, रोहित सिंह समेत अन्य मौजूद थे। बता दें कि दो से आठ दिसम्बर तक सिमरिया में साहित्य महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है। महाकुंभ का उद्घाटन एक दिसंबर को होगा। दो से आठ दिसम्बर तक सुबह 9:30 बजे से मोरारी बापू राम कथा का रसपान कराएंगे।

इसके बाद शाम 4:30 बजे से साहित्य एवं सांस्कृतिक महाकुंभ होगा। महाकुंभ में 150 से अधिक देशों के साहित्य, संस्कृति सेवी, राजनेता, अधिकारी के अलावा भारत के करीब दस मुख्यमंत्री, राज्यपाल, कई केंद्रीय मंत्री शामिल हो रहे हैं। वहीं, प्रत्येक शाम मंच पर होगें अनुराधा पौडवाल, अलका याग्निक, अमिताभ बच्चन, सुरेश वाडेकर, सुखविंदर सिंह जैसी हस्ती। छह सौ एकड़ से अधिक में फैले आयोजन स्थल के तमाम व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी विदेशी कंपनी संभाल रही है।

तैयारी करीब पूरी कर ली गई है। जो शेष है उसमें आयोजन समिति के कार्यकर्ता दिन रात एक कर तत्परता से लगे हैं।अतिथियों के ठहराव के लिए आधुनिक सुविधाओं से युक्त कॉटेज के अलावा मोरारी बापू के लिए विशेष कॉटेज कैलाश कुटीर बनकर तैयार है। महाकुंभ कला संस्कृति ग्राम में जहां मिनी भारत दिखेगा। वहीं हर और दिखेगा स्वच्छ भारत-डिजिटल भारत।

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