केंद्र सरकार अति पिछड़ा की हितैषी होने का दावा करती है


जिला रिपोर्टर -धर्मपाल पटेल
     सहयोगी -  प्रेम कुमार
         पी न्यूज़ वैशाली

वैशाली/बिद्दुपुर:- पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने कहा कि जब 15 प्रतिशत आबादी वालों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा पारित किया गया तो पचासी प्रतिशत आबादी वालों को नब्बे प्रतिशत आरक्षण क्यों नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार और केंद्र सरकार अति पिछड़ा की हितैषी होने का दावा करती है तो जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें भारत रत्न क्यों नहीं दिया गया। पूर्व मंत्री श्री राम ने बिदुपुर प्रखंड राजद कार्यालय में पत्रकारों से ये बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार दलित और अतिपिछड़ा विरोधी है। जननायक कर्पूरी ठाकुर जैसे महान व्यक्ति को भारत रत्न की उपाधि नहीं दिया जाना हास्यास्पद है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देश में आरक्षण को लेकर मारामारी चल रही है। देश में आरक्षण का आधार आर्थिक नहीं होकर जातिगत होना चाहिए। समाज में वर्तमान समय में भी भेदभाव है। बराबरी नहीं है। दलितों को मंदिरों में जाने नहीं दिया जाता है। गैर बराबरी आज भी है। उन्होंने कहा कि दस प्रतिशत आरक्षण प्रधानमंत्री ने क्यों दिया, आरक्षण देने का मानक क्या है। जातिगत जनगणना रिपोर्ट क्यों नहीं पेश की गई। उन्होंने कहा कि राज्य में विधि व्यवस्था चौपट है। सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। इस अवसर पर राजद प्रखंड अध्यक्ष राज किशोर यादव, व्यापार मंडल अध्यक्ष चन्द्रभूषण उर्फ टुनीलाल, जिला मुखिया संघ के पूर्व अध्यक्ष नागेन्द्र प्रसाद ¨सह, उदय प्रकाश यादव, प्रखंड उपाध्यक्ष धीरज कुमार, इंद्रजीत कुणाल, अजय यादव उपाध्यक्ष, बबलू कुमार, युगल किशोर राय, बलराम गिरि आदि पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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