ब्यूरो रिपोर्ट विकास कुमार :-

सैंड आर्टीस्ट मधुरेन्द्र ने लोगों से आपसी तालमेल, कौमी एकता, शांति व सौहार्दपूर्ण जीवन जीने के लिए आग्रह करते नववर्ष की शुभकामनाएं दी।

घोड़ासहन (पूर्वी चंपारण) : पुराना साल 2018 ख़त्म हो चूका है, और नये साल 2019 का आगाज आज से हो गयीं हैं। लोग नए साल के जश्न में डूबे हुए है। इसी कड़ी में साल के आखरी दिन सोमवार की शाम अलविदा-2018 को करते घोड़ासहन में मशहूर सैंड आर्टीस्ट मधुरेन्द्र ने सभी देशवासियों को अपनी रेत कला के माध्यम से अनोखें अंदाज में "हैप्पी न्यू ईयर-2019" सेलिब्रेट की हैं। इसके साथ-साथ मधुरेन्द्र ने लोगों से आपसी तालमेल, कौमी एकता, शांति व सौहार्दपूर्ण जीवन जीने के लिए आग्रह करते नववर्ष की शुभकामनाएं दी। 

सैंड आर्टीस्ट मधुरेन्द्र ने बताया कि पूरी दुनिया में 1 जनवरी को ही नया साल मनाया जाता है लेकिन भारत में हिंदू कैलंडर के हिसाब से गुड़ी पड़वा के दिन साल का पहला दिन होता है और लोग इसे भी नए साल के जश्न की तरह ही मनाते है। 

बता दें कि हिन्दू धर्म में नववर्ष का आरंभ चैत्र मास की शुक्ल प्रतिपदा से माना जाता है। हिन्दू धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा ने इसी दिन सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी इसलिए इस दिन से नए साल का आरंभ भी होता है। इस्लामी कैलेंडर के अनुसार मोहर्रम महीने की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है। 

मौके पर डॉ राजदेव प्रसाद, सरबजीत महतो, अनिल सिंह, रामजन्म पटेल, सुरेश कुशवाहा, महेश, मनोज, पंकज, विकाश, राजेश, मोहन, धर्मेंद्र, दिनेश, राकेश, शुशील, मो इस्लाम, रवि, धीरज, टेनी सहित सैकड़ों प्रबुद्ध नागरिकों तथा गणमान्य लोगों ने भी नववर्ष की बधाई देते अपने प्रिय कलाकार मधुरेन्द्र की सफल, सुखद व स्वस्थ जीवन की कामना की।

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