एनडीए सरकार के अंतरिम बजट देखिये
आम आदमी को सरकार की तरफ से बड़ा तोहफा है। सरकार आयकर छूट की सीमा ढाई  लाख  से बढ़ाकर  5 लाख रुपये कर दिया है।

1-वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को आयकर छूट की सीमा को दोगुना कर पांच लाख रुपये करने का प्रस्ताव किया है।

2-इसके अलावा मानक कटौती की सीमा को भी 40,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 करने का प्रस्ताव किया गया है।

3-गोयल ने लोकसभा में 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि इस प्रस्तवा से मध्यम वर्ग के तीन करोड़ करदाताओं को लाभ होगा। आयकर छूट की सीमा को दोगुना करने से सरकारी खजाने पर 18,500 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा।

4-निवेश के साथ 6.5 लाख रुपये की आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा। यदि कोई करदाता किसी सरकार की विशेष कर बचत योजना में निवेश करता है तो उसके लिए प्रभावी कर मुक्त आय की सीमा एक साल में 6.5 लाख रुपये होगी।

5-एनपीएस, चिकित्सा बीमा और आवास ऋण के ब्याज भुगतान को जोड़ने पर यह सीमा और बढ़ जाएगी।

6-वित्त मंत्री ने बैंकों और डाक खाकघर की बचत योजनाओं पर मिलने वाले सालना 40000 रुपये तक के ब्याज को स्रोत पर कर की कटौती (टीडीएस) से छूट दे दी है। अभी छूट 10000 रुपये तक के ब्याज पर थी।
सरकार के इस फैसले से पांच लाख से ऊपर आय वालों को 13 हजार रुपये का फायदा होगा।

7.इसी के साथ एफडी के ब्याज पर 40 हजार तक टैक्स नहीं देना होगा। अबतक 10 हजार ब्याज पर टैक्स नहीं था।

8.महिलाओं को बैंक से 40 हजार तक ब्याज पर टैक्स नहीं देना होगा।

9.गोयल ने ग्रेच्युटी भुगतान सीमा को 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये कर दिया गया है. इसका मतलब यह है कि अब लगभग पांच साल के बाद नौकरी छोड़ने पर मिलने वाली अधिकतम 10 लाख रुपये की राशि को बढ़ाकर अधिकतम 20 लाख रुपये कर दिया गया है।
रेलवे बजट के लिए 1 लाख 58 हजार करोड़

बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि ब्रॉडगेज पर सभी मानव रहित क्रॉसिंग खत्म किया गया और रेलवे के घाटे को कम करने का काम किया। गौरतलब है कि 2018-19 में रेलवे को 1 लाख 48 हजार करोड़ और उससे पहले 2017-18 में 1 लाख 31 हजार करोड़ आवंटित किया गया था।

रेलवे में बड़ी योजनाओं का नहीं हुआ ऐलान

कार्यवाहक वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूर्वोत्तर के राज्यों में रेल सेवाओं का विस्तार किया गया। वंदे भारत एक्सप्रेस नागरिकों को गति, सेवा और सुरक्षा प्रदान करेगा और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देगा। हालांकि, इस दौरान किसी बड़ी योजना का ऐलान नहीं किया गया।
 किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये किसानों के बैंक खाते में प्रदान की जाएगी। यह राशि उन्हें 2,000-2,000 रुपये की तीन किस्तों में दी जाएगी।

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