कलयुगी चोर ने माता सीता और भगवान लक्ष्मण को भी नही बख्शा

जिला रिपोर्टर - धर्मपाल पटेल
     सहयोगी  प्रेम  कुमार
       पी न्यूज़ (वैशाली)

वैशाली:-कलयुगी चोर ने माता सीता और भगवान लक्ष्मण को भी नही बख्शा बिदुपुर थाना क्षेत्र के बिदुपुर पंचायत अंतर्गत वार्ड 07 में स्थित रामजानकी मंदिर में स्थापित करोड़ो की अष्टधातु की दो मूर्ति सीता और लक्ष्मण की मूर्ति को चुरा कर अपने साथ ले गए और किसी को भनक तक नही लगी हालांकि चोर मूर्ति चुराने के क्रम में भगवान राम की मूर्ति को नही ले जा सके केवल सीता माता और लक्ष्मण की मूर्ति को चुरा कर अपने साथ ले गए
कहा स्थापित है मंदिर,,,,,,, बिदुपुर थाना क्षेत्र के बिदुपुर पंचायत अंतर्गत बाजार में वार्ड 07 में भगवान रामजानकी की मंदिर स्थापित है मंदिर का संचालन कमिटी के माध्यम से किया जाता है और इन दिनों मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य चल रहा था
मूर्ति चोरी की जानकारी कैसे हुई,,,,,,,,,,, कमिटी के माध्यम से ही वर्षो से सेवा भाव से उमेश महतो नामक एक पुजारी मंदिर की साफ सफाई और पूजा पाठ का कार्य करता था शुक्रवार की अहले सुबह जैसे ही मंदिर में पूजा करने के लिए आया तो दो मूर्ति को गायब पाया इधर उधर काफी खोजबीन किया उसके बाद दौरा दौरा कमिटी के सदस्यों के पास जाकर इस बात की जानकारी दी उसके बाद लोगो का भीड़ इकट्ठा हो गया उसके बाद कमिटी ने पुलिस को सूचना दी
कितना पुराना है मंदिर,,,,,,,, राम जानकी कमिटी के अध्यक्ष दिनेश्वर प्रसाद सिंह उर्फ दीना सिंह, सचिव श्याम किशोर सिंह, कोषाध्यक्ष राम कुमार सिंह,कहते है कि तीस कट्ठे के क्षेत्रफल में फैला मंदिर के पंजी के अनुसार सन 1852 से पूर्ब की मंदिर है और कमिटी ही देख रेख करती आ रही है मंदिर का विकास डोनेट किये गए पैसों से किया जाता है पूरे कमिटी में दो दर्जन सदस्य है और प्रत्येक महीने कमिटी की बैठक होती है
कितने की मूर्ति चोरी हुई,,,,,,,,, कमिटी के सदस्यों के अनुसार राम जानकी मंदिर में लगभग दो सौ वर्ष से भी ऊपर की अष्टधातु की भगवान राम, सीता एवं लक्ष्मण की मूर्ति स्थापित है एक मूर्ति का वजन लगभग बीस किलोग्राम है चोरी हुए मूर्ति का कीमत करोड़ो रूपये से भी ऊपर है जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है
मंदिर का क्या है खासियत,,,,,,,,, मंदिर प्रांगण में एक अशोक का पौधा है जो लगभग दो सौ वर्ष पुराना है जो आज भी मौजूद है ऐसा कहावत है कि सन 1892 में हर नारायण पंडित नामक एक संत उस पेड़ के नीचे रहा करते थे आसपास के इलाके के लोगो को पैसों की जब जरूरत होती थी तो उस संत के पास लोग आते थे और अपने जरूरत के मुताबिक पैसों की मांग करते थे संत के आदेशानुसार उसी अशोक के पेड़ के जड़ के पास पैसा रखा मिलता था जब जरूरत पूरी हो जाती तो फिर उसी अशोक के पेड़ के जड़ के पास लोग पैसा रख देते और पैसा स्वतः गायब हो जाता था
बाद में उक्त संत स्वतः ही सन 1944 में गायब हो गए
मूर्ति चोरी में एफआईआर,,,,,,,,,, मूर्ति चोरी के बाद कमिटी के कोषाध्यक्ष बिदुपुर थाने के दिलावरपुर पूर्ब निवासी राम कुमार सिंह ने अज्ञात चोर के बिरुद्ध बिदुपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी
क्या कहते है थानाध्यक्ष,,,,,,,, रामजानकी मंदिर से अष्टधातु की दो मूर्ति चोरो ने चुरा ली है एफआईआर दर्ज कर मामले की छानबीन की जा रही है मंदिर परिसर के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला गया है जल्द ही मूर्ति की बरामदगी कर ली जाएगी।

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