आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर उजियारपुर लोक सभा क्षेत्र के विभिन्न चौक चौराहों पर चर्चा का बाजार गरम
हो गया है।लोग स्थानीय सांसद के 5 वर्षों के विकासकार्य सहित खोया पाया के मूल्यांकन में मशगूल हो रहे हैं।मतदाता विकास कार्यों को लेकर माननीय सांसद से हिसाब माँग सबक सिखाने के मूड में हैं।आगामी चुनाव में दलसिंहसराय 32 नम्बर रेलवे गुमटी पर पुल निर्माण को लेकर किये गए वायदे को लेकर आम जनता सांसद से आर पार के मूड में दिख रही है।वहीं लोगों के जेहन में अन्य ज्वलंत समस्याएं भी कायम है।चौक चौराहों पर चाय की चुस्कियों के बीच तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त है।मतदाताओं का कहना है कि आजादी के बाद से ही यह क्षेत्र विकास से कोसों दूर रहा है।जन प्रतिनिधि चारागाह के रूप में इस क्षेत्र का उपयोग करते रहे हैं।नव परिसमन के बावजूद क्षेत्र में स्थानीय नेताओं को उपेक्षित कर बाहरी प्रतिनिधियों का यहाँ अधिपत्य कायम रहा है जिसके फलस्वरूप इस क्षेत्र के साथ बाहरी जनप्रतिनिधियों ने सौतेला व्यवहार कायम कर इसे विकास के मामले में काफी पीछे धकेल दिया है।इस बार के चुनाव में यहाँ अभी से ही हर चौक चौराहे पर स्थानीय और बाहरी का मुद्दा छाया है।लोग बाहरी प्रतिनिधियों को स्वीकार करने के मूड में नहीं दिख रहे हैं।जननायक   कर्पूरी ठाकुर की जन्म कर्म एवं मोक्ष भूमि रही इस पिछड़ा बाहुल्य लोक सभा क्षेत्र का जातीय गणित कमोवेश उलट फेर के वाबजूद वैसा ही बना है। अभी से ही चुनावी चर्चाओं में टिकटार्थियों की फेहरिस्त बनी है।सत्तारूढ़ राजग गठबंधन से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद नित्यानन्द रॉय,जिला महामंत्री उपेंद्र कुशवाहा, विधानपार्षद हरिनारायण चौधरी, प्रदेश मंत्री जगन्नाथ ठाकुर,जदयू से विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी, जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी,दुर्गेश राय, राम लखन महतो,महागठबंधन के समर्थित दलों से राजद के आलोक मेहता,अमरेश राय, प्रो शील कुमार राय,रालोसपा से राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा, इनकी धर्मपत्नी स्नेहलता कुशवाहा, रालोसपा महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी प्रिया,माकपा से रामदेव वर्मा,नीलम देवी,अजय कुमार के उम्मीदवारी को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।महागठबंधन और राजग के समर्थित पार्टियों द्वारा अभी से ही चुनावी तैयारी को लेकर कमर कसा जा रहा है।सांसद नित्यानन्द राय द्वारा किसान कल्याण सम्मेलन गांव गांव में जनसंवाद के माध्यम से जहाँ चुनावी तैयारी को परवान दिया जा रहा है, वहीं इनकी उम्मीदवारी सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र में होने की भी चर्चा है।जदयू की जिलाध्यक्ष अश्वमेध देवी अपनी उम्मीदवारी पक्की करने के लिए जहाँ तहाँ बैठकों ,सम्मेलनों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के गोलबन्दी में जुटी है।जहाँ तक मुख्य विपक्षी महागठबंधन की बात है तो यहाँ से उजियारपुर के विधायक आलोक मेहता का नाम आगे है जो जोर सोर से उद्घाटन शिलान्यास और कार्यकर्ताओं के बीच अपनी सक्रियता दिखा गोलबन्दी में जुटे हैं।इस लोकसभा क्षेत्र पर दावेदारी को लेकर वामपंथी दल भी सक्रिय हो गयी है।इसी उद्देश्य से आर बी कॉलेज के मैदान में पोलित ब्यूरो सीताराम येचुरी की सभा कराया गया है।इस दल से वामपंथी नेता रामदेव वर्मा ,अजय कुमार और नीलम देवी काफी सक्रियता दिखला रहे हैं।कुशवाहा बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण कभी राजग की हिस्सेदार रही अभी अभी महागठबंधन में अपनी धमाकेदार उपस्थिति देनेवाले रालोसपा सुप्रीमों उपेन्द्र कुशवाहा और उनकी पार्टी की भी यहाँ चर्चा जोरों पर है।जबसे स्थानीय नेत्री महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश उपाध्यक्ष स्वीटी प्रिया ने रालोसपा का दामन थामा है तभी से ही ये रात दिन पार्टी को विस्तार देने में जुटी है।पार्टी के मूल सिद्धांत ,सुप्रीमों के विचारों को आमजन में फैलाकर युवा वर्गों को आकर्षित कर रही है।शिक्षा सुधार से लेकर हल्ला बोल दरवाजा खोल सहित विभिन्न जन आंदोलनों के कारण इनका भी नाम हर होठों पर कायम है।ऐसे इस क्षेत्र को लेकर लालू परिवार में भी सक्रियता बनी है।बनते बिगड़ते समीकरणों के अनुरूप यहाँ दो देवियों के बीच दिलचस्प मुकाबला की सम्भावना बन रही है।ऐसे यह भविष्य के गर्त में है कि यहाँ की कैसी फिजा होगी?

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