P News Reporter Nalanda
Shankar Dayal Sharma
प्रधान सचिव का पीए बता ठगी करने वाला बैजू फिर धराया,
पढ़े खबर कौन है ये सख्स और अब तक कितने को लगा चूका है चूना….
मुख्य सचिव का पीए बताकर नौकरी के नाम पर ठगी करने वाले शातिर ठग को जनप्रतिनिधियों ने एसडीओ कार्यालय के पास से धर-दबोचा। पकड़ने के बाद उसे बिहार थाना की पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सुपरवाईजर की बहाली के नाम पर वह लोगों से रुपये ले रहा था। उसने टेबल खर्च के नाम पर 5 हजार रुपये की मांग की थी। रुपये मांगने के तरीके पर लोगों को शक हुआ तो उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया गया। 2 दिन में दो लोगों से रुपये लेने के बाद तीसरे दिन वह पकड़ा गया। उसे पकड़ने में मुरौरा पंचायत के मुखिया पति व वार्ड सदस्यों का हाथ था। ठगी भी मुरौरा पंचायत के लोगों से ही की जा रही थी। आरोपित पूर्व में भी सरकारी अधिकारी को चूना लगाने के मामले में जेल की हवा खा चुका है। युवक की पहचान श्रृंगारहाट मोहल्ला निवासी जगदीश सिंह के पुत्र संजय सिंह उर्फ बैजू के रूप में की गयी है। बिहार थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बीडीओ को फोन कर मांगी थी जानकारी:
बीडीओ राजीव रंजन ने बताया कि करीब 10 दिन पहले युवक ने उन्हें फोन कर खुद को बड़ा अधिकारी बताया था। उसने मुखिया का नंबर मांगा था। उन्होंने उसे मुरौरा पंचायत के मुखिया का नंबर दे दिया था। इसके बाद उसने मुरौरा के मुखिया पति त्रिलोकी प्रसाद से बात की थी।

10 मिनट में मांगी अभ्यर्थियों की जानकारी:
मुखिया पति ने बताया कि आरोपित ने उन्हें फोन कर कहा कि प्रखंड में 3-4 सुपरवाईजरों व सेविका और सहायिका की बहाली होने वाली है। इसके लिए उसने 10 मिनट में चार लोगों के नाम व नंबर देने के लिए कहा। उन्होंने कुछ लोगों के नाम और नंबर आरोपित को बता दिया। आरोपित ने मुखिया पति के बताये लोगों को फोन कर कहा कि बहाली के लिए प्रमाण पत्र और टेबल खर्च के लिए 5 हजार रुपये एक लिफाफा में रखकर एसडीओ ऑफिस के बाहर किसी कोने में रखना है।

रुपये लेने के तरीके पर हुआ शक:
रुपये मांगने के तरीके पर लोगों को शक हो गया। मुखिया पति व वार्ड सदस्य नजर रखने लगे। दो दिनों में 2 लोगों ने आरोपित के बताये तरीके से लिफाफा एसडीओ ऑफिस के बाहर रखा और निगरानी में जुट गये। आरोपित ने निगरानी करने वालों को धता बताकर दोनों दिन रुपये से भरे लिफाफे उठा लिये। मंगलवार को एक आदमी ने एसडीओ ऑफिस के बाहर जेनरेटर रूम के पास लिफाफा रखा। जैसे ही युवक उसे उठाने के लिए पहुंचा जनप्रतिनिधियों ने उसे दबोच लिया और लेकर बीडीओ कार्यालय पहुंचे। युवक के पास से वह मोबाइल भी बरामद हो गया, जिससे उसने लोगों को फोन किया था। इसके बाद लोग उसे लेकर बिहार थाना पहुंचे।

पहले भी लगा चुका है चूना:
आरोपित इससे पहले तत्कालीन डीएम संजय कुमार अग्रवाल के नाम पर कई अधिकारियों को चूना लगा चुका है। उसने खुद डीएम बताकर खाते में अधिकारी से हजारों रुपये डलवा लिये थे। वर्ष 2019 में उपसमाहर्ता से ठगी करने के आरोप में वह गिरफ्तार किया गया था। युवक के पास से दो मोबाइल फोन मिले हैं। वह जिसे फोन करता था उनके कॉलर आईडी में सेक्रेटरी का पीए लिखा हुआ दिखाई देता था। बीएसएनएल का नंबर और अधिकारी का नाम देखकर लोग सहज ही उसकी बातों पर यकीन कर लेते थे।

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