कड़ी मेहनत की बदौलत बिथान का लाल जसीम अंसारी बना दरोगा 

*बिथान:-* अगर दिल में जज्बा हो कुछ करने की तो जगह या फिर दुर्गम स्थान और सारी बाधाएँ पीछे छूट जाती है।सूरज की तपिश और बेमौसम बरसात को हमने हंस कर झेला है मुसीबतों से भरे दलदल में हमने अपनी जिंदगी को धंस कर ठेला है। उक्त बातें रोसड़ा अनुमंडल के बिथान प्रखंड के उजान गांव निवासी मो.शमीम अंसारी और उम्मति खातुन के गुदरी के लाल मो.जसीम अंसारी ने दारोगा पद पर चयनित होने के बाद खुशी के आँसू बहाते हुए कहा मैंने अपनी गरीबी को बहुत नजदीक से देखा है।

हालात सही नहीं होने के बावजूद भी उन्होंने कड़ी मेहनत कर दरोगा पद पर चयनित होकर बिथान प्रखंड का नाम रौशन किया है।जमील अंसारी अपनी पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं होने के बाबजूद कभी हार नहीं मानी और कड़ी मेहनत और दृढ इच्छा शक्ति के बदौलत मुकाम हासिल कर ही दम लिया । जसीम एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं।इनके माँ और पिताजी दोनों बीडी़ बनाकर जीवन यापन करते हैं और बेटे को पढाने एवं बडा़ आदमी बनाने की ललक में अपने दुःखों को सहते चले गए । किसी ने सच ही कहा है,"पसीने की स्याही से लिखने वालों के पन्ने कभी कोरे नहीं होते"। फूस से बने खपरैल मकान में बरसात की बूंदों  तथा गर्मी की तपिश को झेलते हुए दिन लौटने के इंतजार में अपनी जिंदगी गुजार दी। इनके घर और रहन सहन को देखकर आसमाँ भी रो पडे़गा।लेकिन अपने चेहरे पर माँ-पिताजी ने कभी दुःख का सिकन भी ना आने दी।

जसीम तीन भाई तथा एक बहन में दूसरे स्थान पर हैं। इनसे बडा़ भाई दर्जी का काम करते हैं।छोटा भाई मदरसा में पढ कर हाफिज है एवं छोटी बहन फातिमा गाँव में ही दशवीं कक्षा में अध्ययनरत है।पढाई का बोझ उठाते उठाते घर चलाना काफी मुश्किल हो गया था।लेकिन माता-पिता ने अपने बेटे को तसल्ली दी कि अपनी पढ़ाई जारी रखें।कामयाबी एक दिन जरूर मिलेगी। 

जसीम की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही मध्य विद्यालय उजान से,दशवीं पीएसपी हाईस्कूल बिथान ,स्नातक एसबीएसएस काॅलेज बेगूसराय से एवं समस्तीपुर काॅलेज समस्तीपुर से एमए किये हैं। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित दरोगा की परीक्षा पास कर उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और इष्ट मित्रों को दिया है। जिनके समय समय पर सहयोग के कारण ही उन्होंने यह मुकाम हासिल की है। साथ ही उन्होंने कहा अगर इंसान में कुछ कर गुजरने की सोच हो तो कड़ी मेहनत के साथ उसे हासिल किया जा सकता है।उनका मानना है कि अगर इंसान हमेशा प्रयासरत रहे तो सफलता एक दिन मिलनी तय है। जमील के दारोगा में चयन होने से प्रखंडवासी अपने लाल की सफलता से खासे उत्साहित है।उनके उजान स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा है।इस सफलता पर अभिभूत होकर मेराज हसन,शिक्षक प्रतिनिधि रंजीत कुमार रमण,बालविजय कुमार,विश्वनाथ यादव,पूर्व पंसस बदरूद्दीन अंसारी,पंसस सुल्तान अंसारी,शिक्षक सिकंदर बिहारी,संतोष कुमार ठाकुर,मों. नन्हें अंसारी,इंद्रदेव राम ने प्रसन्नता व्यक्त की है।

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