भारत के संविधान के रचियता बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर की जयंती रविवार को सामाजिक संगठन ट्राइडेंट सेवा द्वारा बरहा गांव में मनायी गई।
  डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर  फूल चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर ट्राइडेंट सेवा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विवेकानन्द ठाकुर  ने डा. भीम राव अंबेडकर की तस्वीर पर माल्यार्पम किया। विवेकानन्द ठाकुर ने भीमराव अंबेडकर की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बाबा साहेब डा. भीम राव अंबेडकर ने छुआछूत जातिवाद को मिटाने के लिये आंदोलन किया था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बाबा साहब का संपूर्ण जीवन एक खुली किताब के समान है। वर्तमान युवा पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है

 इस दिन को 'समानता दिवस' और 'ज्ञान दिवस' के रूप में भी मनाया जाता है, क्योंकी जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करने वाले प्रतिभाशाली डॉ॰ भीमराव आंबेडकर को समानता के प्रतीक और ज्ञान के प्रतीक भी कहां जाता है। भीमराव विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माण और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं और यह दिवस उनके प्रति वैश्विक स्तर पर सम्मान व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है।
मौके पर सलाहकार कृष्णेश्वर ठाकुर,प्रखंड अध्यक्ष मनीष झा,शाशंख झा,गुलाब साह, राजू साह, राजू साह, मुकुंद झा,राहुल कुमार,अनीश कुमार, कृष्णा कुमार आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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