नालंदा -पावापुरी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाक्टरों ने किया हड़ताल ,स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमराई

अपनी मांगों को लेकर पावापुरी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के  जूनियर डाक्टरों ने आज हड़ताल कर दिया , जिससे स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी | ।जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने  आठ मांगों  को पूरा करने के लिए बिहार सरकार  को 48 घंटे के अल्टीमेटम दिया था। मांगे नहीं पूरी की जाने पर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने ओपीडी आईपीडी सेवा को ठप्प कर दिया |  जिससे मरीजों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
 जूनियर डाक्टरों का कहना है कि पीजी एमएसी 2019 में एम्स पटना से एमबीबीएस उत्तीर्ण छात्रों को बिहार राज्य के कोटे की 50% सीट में शामिल नहीं किया जाए क्योंकि एम्स पटना केंद्रीय स्वत संस्थान है जो बिहार सरकार द्वारा संचालित नहीं होती है। उनका कहना है कि पटना एम्स  से उत्तीर्ण छात्रों के लिए एम्स पटना में पीजी के लिये 50% सीट आरक्षित है लेकिन बिहार सरकार द्वारा एम्स पटना में बिहार राज्य से संचालित मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस उत्तीर्ण छात्रों की सीट आवंटित नहीं किया गया है , जो छात्रों के साथ नाइंसाफी है। वही पटना एम्स के पीजी छात्रों के लिये आरक्षित है इसका विरोध किया गया । जिससे  पीजी एडमिशन में 22 सीटों का नुकसान उठाना पड़ता है।अन्य किसी भी राज्य में स्थित एम्स के छात्रों को वहां के राज्य कोटे की सीट आवंटित नहीं की जाती है तो फिर बिहार में ऐसा क्यों ? यहाँ आईजीएमएस के तर्ज पर पीजी एवं यूजी इंटर्न के स्टाइपेन को पन्द्रह हजार से बढ़ाकर चौबीस हजार कर दिये जाने की मांग की एवं आईजीआईएमएस  के तर्ज पर पीजी के स्टाइपेंन को 50 ,55 एवं 70 से बढ़ाकर 70,80 एवं 90 हजार रुपये किया जाए।जूनियर डाक्टरों का कहना है की आज इस कालेज के खुले करीब छह वर्ष गुजर चुके हैं बाबजूद यहां मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सेवायें नहीं मिल रही है | यहां तक इस कालेज में व्लड बैंक की भी सुविधा नहीं है | इस हड़ताल में आकाश ,बिभूजीत ,जावेद ,अंजनी ,निकेश ,नमन समेत कई  छात्र छात्राएं शामिल हुए ।

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