पलटन साहनी की रिपोर्ट समस्तीपुर जिले के  मोरवा प्रखंड के चक सिकंदर, चक पहार, सारंगपुर पश्चिमी,मोरवा उत्तरी, सहित अधिकांश पंचायतों में पीने के पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। प्रखंड क्षेत्र के अधिकांश चापाकल फेल हो चुके हैं। भूमि का जल स्तर नीचे चले जाने के कारण चापा कलों ने पानी देना बंद कर दिया है। फलस्वरूप पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। सारंगपुर पश्चिमी पंचायत में अधिकांश चापाकल फेल हो जाने से आम जनों के समक्ष पेयजल की भारी किल्लत उत्पन्न हो गई है। वार्ड संख्या छः में नल जल योजना की बोरिंग छः महीने पूर्व गाड़ी गई थी।लेकिन उसमें से पानी नहीं निकलता है। वार्ड संख्या सात में नल जल योजना की बोरिंग है।लेकिन उससे जल की आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।जब किसी गाँव मे  पंपिंग सेट चालू किया जाता है तो सारे गांव के लोग पानी के लिए दौड़ पड़ते हैं। फलस्वरूप पानी के लिए अफरातफरी मचने के दौरान लड़ाई झगड़ा की स्थिति उत्पन हो जाती है। यही हाल चकपहार और चकसिकंदर पंचायतों का  है। संपूर्ण प्रखंड के सबसे सबसे छोटा पंचायत चक सिकंदर मात्र आठ वार्डों वाला है। वार्ड संख्या एक, तीन, छःएवं आठ में नल जल योजना की बोरिंग गाड़ी गई है, लेकिन जलापूर्ति अब तक नहीं शुरू हो पाई है। वार्ड संख्या दो, चार, पांच एवं सात में पेयजल के लिए हाहाकार मचा हुआ है। वार्ड संख्या पांच में एकमात्र चापाकल है जो पानी दे रहा है। उसी से वार्ड संख्या चार के सभी गरीब गुरबा बड़ी मुश्किल से दूर जाकर पीने का पानी ला पाते हैं। चापाकल वाले पानी लेने नहीं देते। अगर यह चापाकल भी खराब हो गया तो चापाकल वाले सहित वार्ड संख्या पांच के लोग कहां जाएंगे पानी लाने के लिए। पंचायत के गरीब गुरबा जब रात में सभी लोग सो जाते हैं, तब चुपके से पानी लेने के लिए जाते हैं, ताकि कोई देखे नहीं और पानी लेने से  कोई मना नहीं करे, और कोई मारपीट नहीं करे। फलस्वरूप कथा सम्राट प्रेमचंद के ठाकुर का कुआं का दर्दनाक दृश्य इन गरीबों के लिए रोज साकार हो रहा है। वार्ड संख्या चार की कृष्णा देवी, नीलम देवी, अंजली देवी, कुंती देवी, सुकुमारी देवी, बबीता कुमारी, कमलेश पासवान लालबाबू पासवान ,संजू पासवान, रतन पासवान आदि बताते हैं कि किसी प्रकार बड़ी मुश्किल से पीने का पानी तो ले आते हैं। नहाने और कपड़े धोने का पानी नहीं मिल पाने से लोगों को 8 से 10 दिन  नहाए बिना हो गए हैं। जिसके कारण बीमारियों की आशंका उत्पन्न होती जा रही है। मवेशियों के लिए पीने के पानी के लिए भी हाहाकार मचा हुआ है। पानी के बिना मवेशियों का भी बुरा हाल हो रहा है। कोई भी प्रतिनिधि अब तक सुधि लेने के लिए नहीं आए हैं। इन आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया  कि लोकसभा चुनाव में किसी भी दल के पक्ष में मत देने की बजाय सभी के विरुद्ध मतदान करेंगे।

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