हॉस्पिटल के नाम पर लूटने  का काला  गोरखधंधा-चेयरमैन प्रमोद कुमार



वैशाली :-पूरे भारत मे भरस्टाचार के खिलाफ काम कर रही परिषद एन्टी करप्शन कौंसिल ऑफ इंडिया के केंद्रीय चेयरमैन सह सुप्रीम कोर्ट के वरिस्ठ अधिवक्ता ,एडवोकेट प्रमोद कुमार  वैशाली पहुँचे जहां पर एसीसीआई के अधकारियों ने भब्य स्वागत किया। इस अवसर पर वैशाली जिला के सभी कार्यकर्ता व अधिकारी श्री कुमार के साथ थे, वैशाली पहुँचने पर सैकड़ो एसीसीआई के पदाधिकारियों ने  भब्य स्वागत किया उन्होंने   नवजवानों  से अपील की जिले में निजी अस्पतालों के गोरखधंधे में गरीबो को एक्सरे के नाम पर, मेटरनिटी डिलेवरी के नाम पर ,भर्ती होने के नाम पैसों की उगाही करने का गोरखधंधा फल फूल रहा है।

सैकड़ो आवेदन देते हुए आवेदन कर्ता ने गुहार लगई है।
लोगो ने कहा कि वैशाली जिले में  अन्तर्गत 200 से ज्यादा निजी अस्पतालों के पास कोई सुविधा नही है पर गोरखधंधा के आर प
में लोगो के जिंदगी और मौत से खेल रहे है। शर्मसार होने की बात है कि लूट का धंधा  पुलिस व प्रशासन के सरक्षंण में हो रहा है।ज्ञात हो कि  अबतक 2000 से ज्यादा पुलिस पदाधिकारी ,आई ए एस, आई पी एस ,सहित प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को सलाखों के अंदर भेजने में सफल हुई है जिससे भ्रष्ट पदाधिकारियों में हड़कंप का माहौल है।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए आम जन से अपील करते हुए इस अभियान को और तेज करने के पर बल दिया ।
एक  लिखित शिकायत पत्रकार से मखातिब होते हुए अपने संबोधन में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सह भ्रष्टाचार विरोधी परिषद ,एसीसीआई के केंद्रीय चेयरमैन  एडवोकेट प्रमोद कुमार ने वैशाली को भरस्टाचारियो से मुक्त कराने के लिए पुलिस व प्रशासन सहित ब्लॉक मंडी में रिश्वतखोरी, भरस्टाचार को दूर करने पर दिया। श्री कुमार ने वैशाली, पटेढ़ी और गौरोल के पुलिस थानों में कैमरे के कवरेज में कार्य निष्पादन के लिए आलाधिकारी से बात करने व सीसीटीवी लगाने की बात कही उन्होंने कहा कि  मुहिम तेज करने के लिए एक प्रतिनिधि मंडल एस. पी.वैशाली से मिलेगी । वैशाली के सभी पुलिस थानों में स्थानिये चौकिदार के माध्यम से शराब माफियाओ से भी मिलकर वसूली और गोरखधंधा फल फूल रहा है। जो समाज के लिए खतरा है।

कुछ भ्रष्ट  जन प्रतिनिधियों के मिली भगत व निर्देशन में  अस्पतालों में माफिया राज चल रहा है । जनता के हक़ और अधिकारों को दबाकर भ्रष्ट पदाधिकारी लूट का बाजार चला रहे है !   एसीसीआई के द्धारा अब तक सिर्फ  बिहार के 167 उच्चस्तरीय भ्रष्ट पदाधिकारियों पर मुकदमा दर्ज करवा कर जेल भेज चुकी है ! व पूरे देश में सैकड़ों पदाधिकारियों पर जाँच चल रही है !
                                                                                                                                                           
उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि प्रशासन  के संरक्षण में इलाज के नाम पर मरीजों को लूट रहा बिहार के कई  अस्पताल मरीजों को अस्पताल द्वारा सुझाये गए लैब से ही करवाना होता है जाँच और नहीं करवाने पर फेक दी जाती है!

जानकारी के मुखातिब ये सारा खेल  होता है प्रथम परामर्श से ,बिना देखे ही पहले दी जाती है फ़र्ज़ी टेस्ट कराने की सलाह अपने तय शुदा लैब से और फिर विटामिन सप्पलीमेंट के नाम पर महंगी दवाइयां और सीरप खरीदवाई जाती है। ये सिलसिला तब तक चलता है जब तक की मरीज़ थक हार कर आना न बंद कर दे।



मै प्रशासन से अनुरोध करता हूँ की जो भी व्यक्ति इस घृडित कृत्य के पीछे है उन्हें कठोर से कठोर सजा होनी चाहिए और ऐसे अस्पतालों के खिलाफ सुनवाई  के लिए अलग से शिकायत की कमिटी होनी चाहिए ताकि ऐसे अस्पतालों और डॉक्टरों का लाइसेंस रद्द हो ।

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