माहें सिंघिया रोसड़ा पथ धूलकण से प्रदूषित

मुख्य संपादक कृष्ण कुमार संजय


 बिहार सरकार प्रदूषण से निजात पाने के लिए विभिन्न तरह के उपाय में भीरे हुए है जैसे कि    पौधा रोपण करने  कार्बनिक चीज प्लास्टिक पर प्रतिबंध को सत प्रतिशत लागू करने पर जोर दिये हुए है आपलोगों को मालूम है कि देश में दिल्ली के अलावे  पटना में भी वायु प्रदूषण का प्रकोप बहुत बढ़ गया है जबकि वहां पर वाहन के धुंआ फैल रही है  और एक जगह ऐसा हम आपको दिखा रहा हूँ जहाँ पर धुंआ के अलावे सड़क के धूलकण भी उर रही है यह जगह बिहार के समस्तीपुर जिले के सिंघीया प्रखण्ड स्थित सिंघीया रोसड़ा के मुख्य सड़क मार्ग एसएच88 की है जहाँ पर प्रति दिन छोटे बड़े मिलाकर हजारों वाहन चलती है जिससे धुंआ के अलावे काफी मात्रा में धूल कण उर रही है जिससे पूरे इलाके धूल से पट जाती है और दिन में भी रात जैसे दिखाई पड़ने लगती है जिसकारण लोगों को पैदल भी चलना मुश्किल हो रहा है जब कोई गाड़ी इस पथ पर गुजरती है तो लगता है कि एक दूसरे गाड़ी आमने सामने टकरा कर दुर्घटना ग्रस्त हो जायगी।इतनी घुलकन उड़ने से यहाँ के लोग स्वांस संबंधित बीमारी से ग्रसित हो रही है।जानकारों का कहना है कि यहाँ पर तो धूल और धुंआ से इलाके के वायु जहरीली बन गई है ।इसका मुख्य कारण सड़क निर्माण विभाग के द्वारा काम करने में बिलंब और सड़क पर् पानी का छिड़काव नही करने से हो रही है   ।फिर भी स्थानीय अथवा वरीय पदाधिकारी इस ओर ध्यान नही दे रहे हैं।।देखा जाय तो इसी जिले के तत्कालीन जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह ने सड़क दुर्घटना को रोकने के लिये वाहन की गति सिमा धीमी सड़क पर डीभाइडर लगाने और चालक के बेल्ट लगाने बाइक सवार को हेलमेट पहनने को अनिवार्य कर दिया था बिना हेलमेट के पेट्रोल नही देने का निर्देश पेट्रोलपंप वाले  को दिये थे ।परंतु यहाँ सड़क निर्माण  कर्मी द्वारा पानी नही पटवन करने पर किसी भी प्रकार की करवाई नही की जा रही है ।इस मामले को अनदेखी करने से कोई बड़ी घटना से इनकार नही किया जा सकता है ।

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