दरभंगा जिला के जौघट्टा गाँव निवासी आनंद जी हुए  विश्व गाँधी शांति दूत सम्मान 2019 से सम्मानित ।

ब्रजेश कुमार की रिपोर्ट
देश के राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी जी के 150 वीं जयंति पर आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम वैश्विक गाँधी शांति सम्मेलन 2019 का आयोजन गांधी आश्रम मोतिहारी में किया गया था। दरभंगा जिला अंतर्गत अलीनगर प्रखंड के जौघट्टा गांव निवासी आनन्द जी को "गाँधी शांतिदूत-2019 सम्मान" से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन अंतराष्ट्रीय यूथ कमेटी और ख्वाब फाउंडेशन द्वारा महात्मागांधी की कर्मस्थली मोतिहारी में किया गया। जिसमें इस कार्यक्रम के उद्घाटन करते हुए एमएलसी नवल किशोर यादव ने कहा कि हमे गाँधी जी के विचारों को आत्मसात करने की आवश्यकता है।

यह पुरस्कार आनंद जी को पिछले कई वर्षों से तकनीकी  शिक्षा पर्यावरण, के साथ-साथ सामाजिक दायित्वों के प्रति सराहनीय योगदान के लिए महान समाजसेवी और गाँधीवादी पद्मश्री डॉ. एस. एन. सुब्बाराव, सुब्रतो रॉय व ख्वाब फाउंडेशन के चेयरमैन मुन्ना कुमार के द्वारा प्रदान किया गया। यह अवार्ड कला, शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण, पर्यावरण व अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। यह कार्यक्रम कई मायनों में मील का पत्थर साबित होगा।

इसका आयोजन इंटरनेशन स्तर पर कई बार हो चुका है, लेकिन बापू की कर्मस्थली चंपारण में पहली बार इसका आयोजन किया गया। इसमें अमेरिका, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, मलेशिया, म्यामार, बांग्लादेश सहित देश- विदेश के 150 से अधिक डेलीगेट शामिल हुए। जिसमें प्रखर वक्ता, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता, लेखक, कवि, मोटिवेशनल गुरु, डॉक्टर, प्रोफ़ेसर, पर्यावरणविद जैसे अनेकों हस्ती शिरकत किए.आज भारत सहित पूरा विश्व आतंकवाद, पर्यावरण, शिक्षा, भ्रष्टाचार से लड़ने के साथ शांति के खोज में है तो ऐसे में गाँधी जी के विचारों को अपने जीवन मे उतारने की आवश्यकता है उनकी बताएं मार्ग पर चलने से ही पूरे शांति की स्थापना होगी,उक्त बातें मुख्य विशिष्ट अतिथि गांधीवादी डॉ सुब्बाराव,सुब्रतो रॉय व ख्बाव फाउंडेशन के चेयरमैन मुन्ना ने कही।
वही आनन्द जी ने कहा कि आज कल गाँधी जयंती कम और छुटियां ज्यादा याद रहती है, गाँधी जी के सिद्धांतों को लोग आज भूल रहे हैं, याद रहते हैं तो केवल गाँधी जी के फोटो वाले नोट  आज अगर हमलोंग मनोमंथन करे और सोचे तो प्रतीत होगा आज के प्रगति के अंधी भागदौड़ में हम सभी गांधी जी के मूल्यो व सिद्धांतों को भूल रहे हैं उन जगहों को जहा पर गाँधी जी के जीवन की और हमारे स्वतंत्रता संग्राम की नींव रखी गई ।ऐसे वक्त में चम्पारण की धरती से विश्व गाँधी शांति सम्मेलन का आगाज किया गया इसके लिए GGPC टीम,संयोजक मुन्ना सर एवं सभी साथियों,मार्गदर्शको प्रति आभार व्यक्त करता हूं।

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