पटना10 अक्‍टूबर 2019: क्रिकेट भारत का एक बेहद लोकप्रिय खेल है और हर क्रिकेट प्रेमी कभी न कभी भारतीय टीम का हिस्सा बनने की ख़वाहिश रखता है. मगर बिहार के लोगों का भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का सपना क्रिकेट के पीछे खेली जानेवाली राजनीति के चलते एक सपना ही बनकर रह गया है. 'किरकेटकी कहानी क्रिकेट में व्याप्त भ्रष्टाचार और खेल के पीछे राजनीति से संघर्ष करते हुए कीर्ति आज़ाद द्वारा क्रिकेट खेलने के लिए चुने गये 11 ख़िलाड़ियों के इर्द-गिर्द घूमती है.
फ़िल्म 'किरकेट - बिहार के अपमान से सम्मान तकके प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन आज राजधानी पटना के होटल मौर्या में किया गया. इस दौरान फ़िल्म के कलाकार कीर्ति आज़ादसोनम सी. छाबड़ा,  विशाल तिवारी  देव सिंह व अजय उपाध्यायफ़िल्म के निर्देशक योगेंद्र सिंहनिर्माता सोनू झासह-निर्माता जगेश सावजानी और युसूफ़ शेख ने मीडिया को संबोधित किया.
आपको बता दें कि योगेंद्र सिंह द्वारा निर्देशित इस फ़िल्म का लेखन‌ विशाल‌ विजय कुमार ने किया है. इस फ़िल्म के ज़रिये कई कलाकार फिल्मी दुनिया में क़दम‌ रखने जा रहे हैं. फ़िल्म में मुख्य रूप से कीर्ति आज़ाद,‌ विशाल तिवारीसोनू झासोनम छाबड़ादेव सिंहअजय उपाध्याय लीड रोल में नज़र आने वाले हैं. इस फ़िल्म‌ का निर्माण ए स्क्वायर प्रोडक्शन्सधर्मराज फ़िल्म्स,‌ जेकेएम फ़िल्म्स के तहत आर. के. जालानसोनू झा और विशाल तिवारी ने किया है. इस फ़िल्म को येन‌ मूवीज़ के बैनर तले को-प्रोड्यूस किया है जगेश सावजानी और युसूफ़ शेख़ ने.
'किरकेटकी कहानी बेहद दिलचस्प है और इसमें क्रिकेट की पीछे होनेवाली  राजनीति को दर्शाया गया है. 'लगान', 'चक दे इंडियाऔर 'दंगलजैसी खेल पर आधारित और बेहद लोकप्रिय फ़िल्में 'किरकेटके लिए प्रेरणास्त्रोत रही हैं. फ़िल्म के निर्माताओं ने 'किरकेटको दुनियाभर में 18 अक्टूबर को रिलीज़ करने का ऐलान किया है.
उल्लेखनीय है कि श्री कीर्ति आज़ाद दिल्ली क्रिकेट टीम के कप्तान रह चुके हैं. वे इस फ़िल्म में अपने असल ज़िंदगी से जुड़ा किरदार ही निभा रहे हैं. श्री कीर्ति आज़ाद पूर्व भारतीय क्रिकेटर हैं और 1983 में विश्व कप जीतनेवाली क्रिकेट टीम का अहम हिस्सा भी रहे हैं. बाद में उन्होंने‌ राजनीति की दुनिया में क़दम रखा और कई बार बिहार के दरभंगा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे.
फ़िल्म‌ के प्रमोशन के दौरान श्री कीर्ति आज़ाद ने कहा, "मैं इस बात को लेकर बेहद ख़ुश हूं कि मेरी पहली हिंदी फ़िल्म रिलीज़ होने जा रही हैं और मेरे संघर्ष की ये कहानी जल्द दर्शकों तक पहुंचेगी. मुझे उम्मीद है कि दर्शकों को क्रिकेट और राजनिति के पीछे की असलियत बेहद दिलचस्प लगेगी और  मेरी क्रिकेट टीम के 11 खिलाड़ियों की ज़िंदगी के सफ़र को बेहद करीब से महसूस कर सकेंगे. यह कहानी बिहार की पृष्ठभूमि पर आधारित है और मुझे उम्मीद है कि लोग ख़ुद को इस कहानी से कहीं न कहीं जुड़ा हुआ पायेंगे. हालांकि यह कहानी सत्य घटनाओं पर आधारित है,‌ मगर इसमें बॉलीवुड फ़िल्मों का तड़का भी देखने को मिलेगा. 'किरकेटबिहार के अपमान से सम्मान तक की अनोखी कहानी हैजिसे बेहद दिलचस्प अंदाज़ में पेश किया गया है."

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