मामला पीलीभीत के दियूरिया कोतवाली क्षेत्र के मधवापुर का है
जहां झोलाछाप डाक्टर  द्वारा नवजात को गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का मामला सामने आया है।आरोपी डॉक्टर मौके से फरार नवजात की मौत के बाद गुस्साए परिजनों ने डाक्टर के क्लिनिक पर जमकर हंगामा किया । वहीं सूचना पर पहुंची पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर pm के लिए भेज दिया है ।
पीलीभीत के थाना गजरौला क्षेत्र निवासी युवक अपनी ससुराल मधवापुर गांव जा रहा था उसी बीच उसके आठ माह के मासूम बच्चे की अचानक तबीयत बिगड़ने से। मधवापुर में एक निजी मेडिकल पर झोलाछाप डाक्टर को इलाज के लिए दिखाया।झोलाछाप डाक्टर ने मासूम को इंजेक्शन लगाकर उसे ठीक करने की बात कहते हुए मासूम का इलाज शुरू कर दिया।जैसे ही झोलाछाप डाक्टर ने नवजात को इंजेक्शन लगाया उसके 10 मिनट बाद ही मासूम की मौत हो गई । पूरे मामले की शिकायत थाना दियूरिया पुलिस से की गई। पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने मासूम के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और आरोपी झोलाछाप डाक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।आपको बता दें जिले में ये स्वास्थ्य महकमे की बड़ी लापरवाही का मामले आये दिन सामने आते रहते हैं लेकिन जिला प्रशासन की लापरवाही के चलते जिले में स्वास्थ्य विभाग की सह पर जगह जगह झोलाछाप डाक्टर ना जाने कितने मासूमो की जान व सेहत से खिलवाड़ कर रहे है । जिसको लेकर अब तक जिला प्रशासन का टालमटोल रवैया के आगे लोग आये दिन फर्जी इलाज के सहारे बर्बाद होने को मजबूर है ।

 सुमित कुमार की रिपोर्ट

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