विगत मौसम पूर्वानुमान अवधि का आकलन
मौसमीय वेद्यशाला पूसा के आकलन के अनुसार पिछले तीन दिनों का ओैसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमषः 29.4 एवं 16.9 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 88 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 60 प्रतिशत, हवा की औसत गति 4.5 कि0मी0 प्रति घंटा एवं दैनिक वाष्पण 3.5 मि0मी0 तथा सूर्य प्रकाष अवधि औसतन 5.8 घन्टा प्रति दिन रिकार्ड किया गया तथा 5 से0मी0 की गहराई पर भूमि का औसत तापमान सुबह में 19.3 एवं दोपहर में 28.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। इस अवधि में मौसम षुष्क रहा।
मध्यावधि मौसम पूर्वानुमान
             ;20-24 नवम्बर,2019द्ध
ग्रामीण कृषि मौसम सेवा, डा0आर0पी0सी0ए0यू0, पूसा,समस्तीपुर एवं भारत मौसम विज्ञान विभाग के सहयोग से जारी 20-24 नवम्बर,2019 तक के मौसम पूर्वानुमान के अनुसारः-
पूर्वानुमान की अवधि में उत्तर बिहार के जिलों में आसमान प्रायः साफ एवं मौसम के षुष्क रहने की संभावना है।
इस अवधि में अधिकतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
औसतन 5 से 8 कि0मी0 प्रति घंटा की रफ्तार से पछिया हवा चलने की संभावना है।
सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 80 से 85 प्रतिषत तथा दोपहर में 60 से 65 प्रतिषत रहने की संभावना है।
समसामयिक सुझाव
रबी मक्का की बुआई इस माह के अन्त तक समाप्त करें। इसके लिए संकर किस्में शक्तिमान 1 सफेद, शक्तिमान 2 सफेद, शक्तिमान-3 पीला, शक्तिमान 4 पीला, शक्तिमान-5 पीला, गंगा 11 नारंगी पीला, राजेन्द्र संकर मक्का 1, राजेन्द्र संकर मक्का 2 एवं राजेन्द्र संकर मक्का दीप ज्वाला तथा संकुल किस्में- देवकी सफेद, लक्ष्मी सफेद एवं सुआन पीला इस क्षेत्र के लिए अनुसंषित है। खेत की जुताई में 100-150 क्विंटल कम्पोस्ट, 60 किलोगा्रम नेत्रजन, 75 किलोगा्रम फास्फोरस एवं 50 किलोगा्रम पोटाष प्रति हेक्टर की दर से व्यवहार करें। बीज दर 20 किलोगा्रम प्रति हेक्टेयर तथा दूरी 60 ग 20 से0मी0 रखें।
सिंचित एवं समयकालीन गेहुँ की किस्मों की बुआई प्राथमिकता से करें। खेत की तैयारी के समय 150-200 क्विटल कम्पोस्ट, 60 किलोग्राम नेत्रजन, 60 किलोग्राम फाॅसफोरस एवं 40 किलोग्राम पोटास प्रति हेक्टेयर की दर से व्यवहार करें। बुआई हेतु पी0बी0डब्लू0-343, पी0बी0डब्लू0-443, सी0बी0डब्लू0-38, डी0बी0डब्लू0-39, एच0डी0-2733, एच0डी0-2824, के0-9107, के0-307, एच0यू0डब्लू0- 206 एवं एच0यू0डब्लू0-468 किस्में उत्तर बिहार के लिए अनुषंसित है। बीज को बुबाई से पहले 2.5 ग्राम बेबीस्टीन की दर से प्रति किलोग्राम बीज को उपचारित करें। छिटकबाँ विधि से बुआई के लिए प्रति हेक्टेयर 125 किलोग्राम तथा सीड ड्रील से पंक्ति में बुआई के लिए 100 किलोग्राम बीज का व्यवहार करें। जिन खेतों में दीमक का प्रकोप हो,बुआई पूर्व बीज को क्लोरपायरिफाॅस 20 ई0सी0 दवा का 8 मि0ली0 प्रति किलोग्राम बीज की दर से अवष्य उपचारित करें।
आलू की रोपाई प्राथमिकता से करें। कुफरी चन्द्रमुखी, कुफरी अशोका, कुफरी बादशाह, कुफरी ज्योति, कुफरी सिंदुरी, कुफरी अरुण, राजेन्द्र आलू- 1, राजेन्द्र आलू- 2 तथा राजेन्द्र आलू-3 इस क्षेत्र के लिए अनुसंषित किस्में है। बीज दर 20-25 क्विंटल प्रति हेक्टेयर रखे। पंक्ति से पक्ति की दुरी 50-60 से0मी0 एवं बीज से बीज की दुरी 15-20 से0मी0 रखें। आलू को काट कर लगाने पर 2 से 3 स्वस्थ आँख वाले टुकडे को उपचारित कर 24 घंटे के अन्दर लगावे। बीज को एगलाँल या एमीसान के 0.5 प्रतिषत घोल या डाइथेन एम0 45 के 0.2 प्रतिषत घोल में 10 मिनट तक उपचारित कर छाया में सुखाकर रोपनी करे। समूचा आलू (20-40 ग्राम) लगाना श्रेष्ठकर है। खेत की जुताई में कम्पोस्ट 200-250 क्विटल, 75 किलोगा्रम नेत्रजन, 90 किलोगा्रम फास्फोरस एवं 100 किलोगा्रम पोटाष प्रति हेक्टर की दर से प्रयोग करें।
राई की पिछेती किस्में राजेन्द्र अनुकूल, राजेन्द्र सुफलाम एवं राजेन्द्र राई पिछेती की बुआई इस माह के अन्त तक कर लें। राई की फसल जो 20 से 25 दिनों की हो गयी है उसमें निकौनी तथा बछनी कर प©ेघ¢ से प©ेघ¢ की दुरी 12-15 से0मी0 रखें। आवश्यकतानुसार सिंचाई करे।
चना की बुआई के लिए उपयुक्त समय चल रहा है। खेत की तैयारी के समय 20 किलोग्राम नेत्रजन, 45 किलोग्राम फाॅसफोरस, 20 किलोग्राम पोटास एवं 20 किलोग्राम सल्फर प्रति हेक्टेयर की दर से व्यवहार करें। चना के लिए उन्नत किस्म पूसा-256, के0पी0जी0-59(उदय), के0डब्लू0आर0 108, पंत जी 186 एवं पूसा 372 अनुषंसित हंै। बीज को बेबीस्टीन 2.5 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। 24 घंटा बाद उपचारित बीज को कजरा पिल्लू से बचाव हेतु क्लोरपाईरीफाॅस 8 मि0ली0 प्रति किलोग्राम की दर से मिलावें। पुनः 4 से 5 घंटे छाया में रखने के बाद राईजोबीयम कल्चर (पाॅंच पैकेट प्रति हेक्टेयर) से उपचारित कर बुआई करें। छोटे दानों की किस्मों के लिए बीज दर 75 से 80 किलोगा्रम एवं बड़े दानों के लिए 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर तथा दूरी 30 ग 10 से0मी0 रखें।
मसुर के मल्लिका(के0-75), अरुण (पी0एल0 77-12), बी0आर0-25 के0एल0एस0- 218, एच0यू0एल0-57, पी0एल0-5 एवं डब्लू0वी0एल0 77 किस्मो की बुआई सम्पन्न करने का प्रयास करें। बुआई के 2-3 दिन पूर्व कार्बेन्डाजीम फुूंदनाषक दवा का 1.0 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से शोधित करंे। तत्पष्चात कीटनाषी दवा क्लोरपाईरीफाॅस 20 ई.सी. का 8 मि.ली. प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करें। बुआई के ठीक पहलेे उपचारित बीज को उचित राईजोबियम कल्चर (5 पैकेट प्रति हेक्टेयर) से उपचारित कर बुआई करें।
विगत माह बोयी गई मटर, राजमा, लहसून एवं सब्जियों वाली फसलें- बैगन, टमाटर, मिर्च, पत्तागोभी एवं फूलगोभी में निकाई गुराई तथा आवष्यकतानुसार सिंचाई करें। बैगन, टमाटर एवं मिर्च की फसल में फल छेदक कीट की निगरानी करें।
कजरा (कटुआ) पिल्लू से मक्का, मटर, मसूर एवं राजमा की फसलों की निगरानी करें। अधिक नुकसान होने पर क्लोरपायरीफाॅस 20 ई0सी0 दवा का 2.5 मि0ली0 प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव करे।
दूधारु पषुओं के रख-रखाव एवं खान पान पर विषेष घ्यान दें। पषुओ को रात में खुले स्थान पर नहीं रखें।


आज का अधिकतम तापमानः 29.0 डिग्री सेल्सियस,
सामान्य से 0.8 डिग्री अधिक आज का न्यूनतम तापमानः 14.5 डिग्री सेल्सियस,
सामान्य से 0.2 डिग्री अधिक


(डाॅं0 ए. सत्तार)
नोडल पदाधिकारी

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