विनय कुमार मिश्र, गोरखपुर ब्यूरों। कहा जाता है कि तस्वीर बहुत कुछ कह जाती। यह देखकर आप भी बहुत कुछ समझ गए होंगे।यह तस्वीर है गोरखपुर जिले के चौरी चौरा थानाक्षेत्र के एक गाँव की जो थाना के बिलकुल कुछ ही दूरी पर है स्थित है जो गस्त पर निकले पुलिस वालों की या फिर किसी भी जिम्मेदार की नजर में आसानी से आ सकता है लेकिन अफ़सोस और आश्चर्य की बात यह है कि किसी की नजर यह नहीं देख पा रही है।जो भी शासन प्रशासन भी कम जिम्मेदार नहीं है इसके लिए। न तो गाँवों में डुगडुगी बजाई गई न मुनादी कराई गई सब कुछ राम भरोसे छोड़ दिया गया। यही नहीं अब भी उदासिनता बरती जा रही है जिसका नतीजा यह दिख रहा है। सिर्फ कागजों में सब कुछ होता रहा जिसकी गवाह है यह तस्वीर।यही हाल दूर दूर तक के गाँवों का भी है।शासन प्रशासन के सारे नियम कानून ताख पर रख कर पराली जलाएं जा रहे है अब तो पराली जलाने का कार्यक्रम अपने अंतिम दौर में है और कही कही तो गेंहू की बुआई हो गई है।जहाँ बचा खुचा है वहाँ जलाने के तुरंत बाद खेत की जुताई कर दिया जा रहा है जिससे सब कुछ मिट जा रहा है।
इस मामले में बुधवार को लखनऊ से मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश आर के तिवारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग कर एनआईसी सभागार में मंडलायुक्त जयंत नार्लीकर जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन सीएमओ एस के तिवारी अपर आयुक्त अजय कांत सैनी अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा जिला विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह डूडा अधिकारी तेज कुमार सहित संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि देहात क्षेत्रों में किसान अपने खेतों में  डंठल (पराली)  ना जलाने पाए तथा शहर क्षेत्रों में कूड़ा एक जगह इकट्ठा ना होने पाए। कूड़ा निस्तारित होने वाले स्थानों पर ही एकत्रित कर उसे रखवाया जाये किसी भी कूड़ा निष्पादित स्थान पर कूड़े को अगर कोई जलाया तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाये।

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