विनय कुमार मिश्र
गोरखपुर ब्यूरों।सभी लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के द्वारा अयोध्या मामले पर सुनाएँ गये निर्णय की सराहना की व बधाई दी।चौरी चौरा की विधायक संगीता यादव ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा सुनाए गए फैसले को सभी वर्ग के लोगों ने सम्मान पूर्वक स्वीकार किया है, लोगों ने बहुत अच्छे तरीके से इस फैसले को स्वीकार किया व भाईचारा बनाएं रखा।सभी वर्ग के लोगों ने फैसले का सम्मान कर एक मिसाल पेश की है इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। भाजपा के युवा नेता एवं पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला मीडिया प्रभारी सोनू चौरसिया ने उच्च न्यायालय द्वारा अयोध्या पर दिए गए फैसले की तारीफ करते हुए कहा कि यह फैसला किसी एक की जीत नहीं है, यह पूरे भारत वासियों की जीत है। न कोई हारा न कोई जीता। सभी लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। इस ऐतिहासिक फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के जज भी बधाई के पात्र हैं। भाजपा के युवा मोर्चा के जिला मंत्री आलोक पटवा ने कहा कि अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सर्वसम्मति से लिया गया निर्णय हम सभी को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों का बोध कराने वाला है, देश की न्यायपालिका के निर्णय का सम्मान करते हुए हम सभी को मिलजुलकर शांतिपूर्ण ढंग से रहना चाहिए।एनएसयूआई गोरखपुर के पूर्व जिला अध्यक्ष मनीष ओझा ने न्यायपालिका को धन्यवाद दिया  व इस फैसले का स्वागत किया कि राम मंदिर वहीं बनेगा व मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन देकर सही मायने में न्याय किया गया है। सही मायने में हिंदू मुस्लिम भाई-भाई हैं अब हमारा देश सही मायने में अखंडता की ओर अग्रसर है।अखिल भारतीय उधोग ब्यापार मंडल के तहसील प्रभारी भुवनपति निराला ने कहा कि यह फैसला देश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा।माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जो निर्णय राम जन्मभूमि के संदर्भ में दिया गया है यह ऐतिहासिक है। देश के प्रत्येक नागरिक की भावना को ध्यान में रखते हुए अमन भाईचारा सौहार्द बना रहे और देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र सिद्ध हो इसमें माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने बहुत बड़ी भूमिका का निर्वाहन किया है। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल पांच जजों की बेंच का अभिनंदन करता है उनके इस फैसले का स्वागत करता है।
भाजपा के सरदारनगर के मण्डल अध्यक्ष प्रकाशचंद नन्हे ने कहा कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने बिना किसी दबाव के और बिना किसी प्रभाव के सत्य के आधार पर फैसला ही नहीं वह एक ऐतिहासिक फैसला देने का काम किया है। यह सारी दुनिया जानती है कि भगवान राम अयोध्या में जन्म लिए और जब मर्यादा पुरुषोत्तम राम का जन्म अयोध्या में हुआ तो वहां पर भगवान राम का मंदिर होना चाहिए लेकिन देश आस्थाओं के आधार पर नहीं चलता है संविधान से चलता है और सत्य के आधार पर चलता है आज सत्यमेव जयते को चरितार्थ करते हुए राम की जन्मभूमि पर भव्य राम मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ। वहां भी एक निष्पक्ष संस्था के द्वारा मुस्लिम पक्ष का सम्मान रखते हुए उनके लिए भी मस्जिद के लिए जगह दी गई है इससे सौहादर्यपूर्ण  और भाईचारा वाला नहीं हो सकता हम सभी के बाद रखते हुए हम सब हिंदू भाइयों को भी मस्जिद निर्माण के लिए सहयोग देना चाहिए क्योंकि भगवान राम सिर्फ हिंदुओं के ही नहीं बल्कि पूरे भारत के पूर्वज थे। डॉ विवेक कुमार मिश्र ने कहा कि    सुप्रीम कोर्ट का फैसला सराहनीय है, यह प्रूफ होता है कि सत्य कभी पराजित नहीं होता। महामहिम प्रधानमंत्री युगपुरुष है यह एक ऐतिहासिक फैसला हम सब के लिए है हमारी आने वाली पीढ़ी के लिए एक इतिहास बना, इतिहास के पन्ने में यह सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा।लीड़ एक सोच संस्था के सचिन गौरी वर्मा ने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है। हमारे देश की यही खूबसूरती है कि हमारे यहां अनेकता में भी एकता है और इसका जीता जागता उदाहरण हम अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से देख सकते हैं। जिस प्रकार से सभी प्रकार के धर्मों का सम्मान हमारे देश में किया जाता है इसे देख कर मैं बहुत खुश हूं यह फैसला बिल्कुल सही है एवं जिस प्रकार से हमारे देश के मुस्लिम भाइयों ने इस फैसले का सहृदय स्वागत किया है इसे देखकर हम सभी को गर्व  की अनुभूति हो रही है।डॉ राहुल त्रिपाठी ने कहा कि   आखिर में सत्य की जीत हुई है मर्यादा पुरुषोत्तम राम को भी न्याय के लिए इंतजार करना पड़ा।समाजसेवी रामजन्म यादव ने कहा कि सबकी भावनाओं की कद्र की गई है यह सबसे अच्छी और महत्वपूर्ण बात है, सभी को इस फैसले का सम्मान करना चाहिए और मिलजुल कर रहना चाहिए यही हमारी संस्कृति है।
विश्वजीत आर्य सामाजिक चिंतक व लेखक ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करते हैं। यह मामला दशकों से चल रहा था और यह सही निष्कर्ष पर पहुंच गया है। इसे जीत या हानि के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। हम समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखने के लिए सभी के प्रयासों का भी स्वागत करते हैं।

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