गोरखपुर ब्यूरों। नजूल की संपत्तियों पर अवैध तरीके से कब्जा जमा कर रह रहे कब्जे दारो के खिलाफ जिलाधिकारी के विजयेंद्र पांडियन  के निर्देशानुसार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर प्रथमेश कुमार के नेतृत्व में तथाकथित भूमाफियाओं द्वारा सेतु निगम के कर्मचारियों की मिली भगत से आराजी छावनी सिविल लाइन एमपी बालिका इंटर कालेज के पीछे नजूल की  सवा हेक्टेयर से अधिक जमीन  पर कब्जा किये हुए थे। जिसे ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/ एसडीएम सदर प्रथमेश कुमार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट अनुभव सिंह अपर उपजिलाधिकारी विनय पांडेय सदर तहसीलदार डॉ संजीव दिक्षित अपने राजस्व कर्मचारियों कानूनगो प्रद्युमन सिंह, लेखपाल विनय कुमार श्रीवास्तव राम कुमार गुप्ता विमलेश दुबे रजत वर्मा बाबूराम बृजेश सागर सिंह आशुतोष ,अमीन योगेंद्र चौबे आदि के साथ एसएसआई कैंट नवीन सिंह भारी फोर्स के साथ चौकी इंचार्ज जटेपुर मदन मोहन मिश्रा चौकी इंचार्ज रेलव अक्षय मिश्रा चौकी इंचार्ज विश्वविद्यालय वीरेंद्र बहादुर सिंह   पहुंचकर अरबो रुपये की सरकारी संपत्ति  को खाली कराया। यह  गोरखपुर के पहले ज्वाइंट मजिस्ट्रेट हैं जो सरकारी जमीनो को वर्षों से अवैध तरीके से भू माफियाओं द्वारा कब्जा किया गया था उसे चिन्हित करते हुए खाली कराने का कार्य कर रहे हैं। इनका भरपूर सहयोग सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दिक्षित कर रहे हैं वही जॉइंट मजिस्ट्रेट प्रथमेश कुमार ने बताया कि इसी तरह शहर के अन्य जगहों पर भी अवैध तरीके से भू माफियाओं द्वारा कब्जा जमाया गया है जिसे चिन्हित कर बहुत ही जल्द खाली कराने का कार्य किया जायेगा। वही पटरी व्यवसाई सुधीर झा द्वारा अवैध तरीके से वर्षों से कब्जा जमाए हुये थे खाली कराने गयी टीम पर पत्थर से हमला करने की कोशिश किया गया जिसे  कैंट पुलिस ने तत्काल गिरफ्तार कर उचित कार्रवाई में जुट गयी। सदर तहसीलदार डॉक्टर संजीव दीक्षित ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में सेतु निगम के कुछ  तथाकथित कर्मचारियों द्वारा नजूल की संपत्ति को कब्जा किया गया था जिसके लिए इनमे तथाकथित कर्मचारियों को पहले ही नोटिस दे दिया गया था अपना सामान नोटिस मिलने के बाद खाली कर दिए थे कुछ बचे लोगों का शांतिपूर्वक आज खाली करा दिया गया।

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